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Thursday, 16 September 2021

नरेंद्र मोदी के पिताजी कैसे थे, वे क्या करते थे?

नरेंद्र मोदी के पिताजी कैसे थे, वे क्या करते थे?


How was Narendra Modi's father, what did he do?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता की तस्वीर के साथ उनकी मां हीरा बा

17 सितंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 71 वर्ष के हो गए। गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में हमने उन्हें कई बार अपनी मां हीरा बा के साथ देखा है, लेकिन नरेंद्र मोदी के पिताजी की ज्यादा चर्चा नहीं होती। कई बार लोग पूछते देखे जाते हैं कि नरेंद्र मोदी के पिता दामोदर दास मोदी क्या करते थे या कैसे दिखते थे? आइए नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर इसी प्रश्न का उत्तर प्राप्त कर लेते हैं।

नरेंद्र मोदी पर लिखी गईं ढेरों किताबों और अन्य सामग्री के अध्ययन के बाद हमें पता चलता है कि नरेंद्र मोदी के पड़दादा का नाम मगनलाल रणछोड़दास था। वे घांची (तेल निकालने और बेचने के पारंपरिक व्यापारी) की मध्यवर्ती जाति के थे और पेशे से पंसारी थे। वे 19वीं सदी के उत्तरार्ध में वर्तमान गुजरात के बनासकांठा जिले के नवदोत्रा नामक गांव से मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर आए और यहीं पर पंसारी की दुकान करने लगे। ये सारे स्थान उस समय बंबई प्रांत का हिस्सा थे और गुजरात तब अस्तित्व में नहीं आया था। नरेंद्र मोदी के जन्म के समय 17 सितंबर 1950 को भी यही स्थिति थी और गुजरात राज्य नहीं बना था।

पंसारी की इस दुकान को बाद में नरेंद्र मोदी के दादा मूलचंद ने संभाला और फिर नरेंद्र मोदी के पिता दामोदरदास ने। नरेंद्र मोदी के पिता दामोदर दास का जन्म 1915 में हुआ था। नरेंद्र मोदी के पिता दामोदार दास मोदी की एक छोटी सी तेल मिल भी थी। उन्होंने वडनगर में रेलवे स्टेशन से लगी हुई एक चाय की दुकान भी खोली थी।

नरेंद्र मोदी अपने पिता की इस दुकान पर छह वर्ष की उम्र में पहुंचे थे। उनके बड़े भाई और वह दुकान पर पिता की मदद करते थे। यहां पर दामोदर दास चाय बनाते थे जबकि नरेंद्र मोदी के भाई और मोदी चाय को लोगों तक पहुंचाने का काम करते थे। दामोदार दास ने एक गाय भी पाल रखी थी, जिसका दूध निकालने का काम भी नरेंद्र मोदी ने सीखा था।

दामोदर दास मोदी की मृत्यु 1989 में हुई थी। इससे एक वर्ष पहले 1988 में नरेंद्र मोदी भाजपा की गुजरात इकाई के महामंत्री बनाए जा चुके थे। 1967 में घर छोड़ने के बाद मोदी पहली बार यानी करीब 22 वर्ष बाद पिता की मृत्यु पर अपने घर वडनगर गए थे और वहां कुछ घंटे गुजारे थे।

शेष परिवार इस प्रकार है Narendra Modi family

दामोदर दास मोदी के एक भाई (नरेंद्र मोदी के चाचा) नरसिंहदास थे। नरसिंहदास के चार बेटे थे। सबसे बड़े बेटे अशोक भाई वडनगर में ही दुकान चलाते हैं। उनसे छोटे भरत भाई मोदी कुछ वर्ष पहले तक पालनपुर हाइवे पर पेट्रोल पंप पर काम करते रहे हैं। भरतभाई से छोटे चंद्रकांत भाई अहमदाबाद में एक गौशाला में कार्यरत थे तो उनसे छोटे अरविंद भाई रद्दी कारोबारी हैं।

स्वयं नरेंद्र मोदी अपने माता-पिता की तीसरी संतान हैं। नरेंद्र मोदी के भाई-बहनों में सोमाभाई मोदी (1944 में जन्म) सबसे बड़े हैं जो गुजरात के जनस्वास्थ्य विभाग में सफाई निरीक्षक की नौकरी करते थे। रिटायरमेंट के बाद वे वृद्धाश्रम चलाने लगे।

सोमाभाई से छोटे अमृत मोदी (1946 में जन्म) हैं जो 2005 में एक निजी कंपनी से बतौर फिटर रिटायर हुए थे। हालांकि अमृत मोदी के बेटे संजय ठीकठाक व्यवसाय करने लगे और 2009 में अमृत मोदी ने पहली बार कार खरीदी।

नरेंद्र मोदी से छोटी बहन वसंतीबेन हैं, जो विसनगर में रहती हैं और गृहिणी हैं। वे मोदी से दो साल छोटी हैं।

वसंतीबेन के बाद 1955 में जन्मे प्रह्लाद मोदी हैं। वे लंबे समय से राशन की दुकान के काम से जुड़े रहे और अहमदाबाद में फेयर प्राइस शॉप ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रहे। उनका टायर का काम भी बताया जाता है।

नरेंद्र मोदी के सबसे छोटे भाई पंकज मोदी (1958 में जन्म) हैं। उन्होंने पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद गुजरात सरकार के सूचना विभाग में नौकरी कर ली। नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा पंकज मोदी के परिवार के साथ ही रहती हैं। मोदी, पंकज मोदी के घर पर ही मां हीरा बा से मिलने जाते हैं।

नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो परिवार का कोई व्यक्ति उनसे मिलने मुख्यमंत्री निवास पर नहीं गया। उनके प्रधानमंत्री बनने पर भी यही परिपाटी कायम रही। हां, एक बार मां हीरा बा जरूर प्रधानमंत्री निवास में आ चुकी हैं जहां मोदी ने उन्हें पूरे आवास की सैर कराई थी। मोदी जब अपनी मां से मिलने पंकज मोदी के घर पर जाते हैं तो वहीं पर उनकी मुलाकात परिवार के बाकी सदस्यों से होती है।

नरेंद्र मोदी के सबसे बड़े भाई सोमा भाई मोदी ने एक बार कहा था- मेरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक परदा है। मैं उस परदे को देख सकता हूं, लेकिन आप नहीं। मैं नरेंद्र मोदी का भाई हूं, प्रधानमंत्री का नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मैं भारत के 125 करोड़ नागरिकों में से एक हूं।

- लव कुमार सिंह 

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