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Friday, 7 January 2022

सारांश या सार लेखन

 सारांश या सार लेखन




सार लेखन क्या है?

सार लेखन का अर्थ किसी रचना को संक्षिप्त रूप में इस प्रकार प्रस्तुत करना है कि उसका कोई महत्वपूर्ण बिंदु या विचार छूटने न पाए और ऐसा अंश निकाल दिया जाए जिसका रचना के मूल विचार पर कोई प्रभाव न पड़ता हो।

सार लेखन का महत्व

  1. लंबी–चौड़ी बात को संक्षेप में प्रस्तुत करना एक कला है। किसी को अपनी बात आसानी से समझाने में यह कला बहुत काम आती है।
  2. मीडिया में अखबार हो, पत्रिका हो, टीवी हो या फिर रेडियो हो, हर जगह खबरों को छोटी करने की जरूरत होती है, इसलिए मीडिया में यह कला बहुत काम आती है।
  3. आजकल लोगों के पास पढ़ने का समय नहीं है। हर कोई जल्दी में है। इसलिए बहुत लंबी रचना या खबर को देखकर ही लोग किनारा कर लेते हैं। ऐसे में सार्थक और संक्षिप्त लिखना जरूरी हो जाता है।

सार लेखन करते समय ध्यान रखने वाली बातें

  1. जिस रचना का सार लिखना हो, उसे ध्यान से एक से ज्यादा बार पढ़ना चाहिए।
  2. सारांश लेखन दिए गए अंश का एक तिहाई होता है।
  3. सारांश में मूल रचना के सभी महत्वपूर्ण बिंदु आ जाने चाहिए। मूल भाव या विचार किसी भी रूप में छूटना नहीं चाहिए।
  4. सार लेखन में उचित शीर्षक का भी महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए मन में दो–तीन शीर्षकों पर विचार करके ही अंतिम शीर्षक का चुनाव करना चाहिए।
  5. सार लेखन की भाषा सरल और संक्षिप्त होना चाहिए।

सार लेखन के तीन उदाहरण, उत्तर सहित

नीचे दिए गए चित्र में सार लेखन के तीन उदाहरण उत्तर सहित दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और सार लेखन का अभ्यास करें।